posted by Mahesh Kale at 7:49 PM
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मी महेश काळे, मुळचा सांगलीचा, तीन वर्षा पसून् पुण्यामध्ये नोकरी करतो आहे. मी एक् यन्त्रिक् अभियन्ता अहे. आणि वरिष्ठ् अभियन्ता म्हणुन टुलटेक् या संस्थे मध्ये कर्यरत अहे.
------------------------------------------------------------------------------"कोणाचे हे घर । हा देह कोणाचा ।आत्माराम त्याचा । तोचि जाणे ।।'
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